Tag Archives: चाहत

कुछ बेहतरीन शेर

प्रदीप कुमार पाण्डेय के कुछ बेहतरीन शेर Continue reading

Advertisements
Posted in मुक्तक, शेरो शायरी | Tagged , , , , , , , , , | Leave a comment

तेरे हिज्र में अपना दामन भिगोता रहा

तेरे हिज्र में अपना दामन भिगोता रहा। मैं शब-ए-ग़म की तन्हाई में रोता रहा।।

Posted in ग़ज़ल | Tagged , , , , , , | 1 Comment

हमारे गीत भी दुनिया हमारे बाद गायेगी

अभी तक जो अधूरी है, कहानी मैं सुनाता हूँ। लिखे जो गीत हैं अब तक, उन्हें अब गुनगुनाता हूँ। ज़रा तुम गौर से सुनना, हमारे दिल की फरियादे, अभी तक जो दबी थीं अब, उन्हें होठों पे लाता हूँ।।

Posted in मुक्तक | Tagged , , , , , , | Leave a comment

चाहत के परदे पे मेरी उम्मीदों के सितारे हैं

चाहत के परदे पे, मेरी उम्मीदों के सितारे हैं। कुछ ख्वाब हैं दिल में, कुछ पलकों पे नजारे हैं।।

Posted in ग़ज़ल | Tagged , , , , , , , | Leave a comment