Category Archives: देशभक्ति गीत

जीवन ज्योति जगाने वाली जननी का

जिसके आंचल में खेला उस अवनी का। सूरज, चाँद,सितारे, दिन का रजनी का। जीवन देकर के भी ऋण न चुका पाऊं, जीवन ज्योति जगाने वाली जननी का।। षड्यंत्रों की अब भरमारी लगती है। सांसे गिनना भी गद्दारी लगती है। आओ … Continue reading

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ये देश हमारा है

ये धरा हमारी है, ये देश हमारा है। ये अम्बर अपना है, परिवेश हमारा है। जो तीन रंग वाला, परचम लहराता है वो मिलकर रहने का, सन्देश हमारा है।।  

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अपनी हर ग़ज़ल में

खून-ए-दिल से ज़मी पे, इक ऐलान लिख दूँगा। जर्रे-जर्रे में, सदा-ए-जवान लिख दूँगा।  

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